एक प्रेम कहानी- ‘इलेवन मिनट्स’ से उदधृत

मित्रों, प्रस्तुत कहानी पाओलो कोएल्हो की एक प्रसिद्ध पुस्तक या एक कठिन उपन्यास Eleven Minutes से ली गई हैं। यह कहानी प्रेम का सही अर्थ को समझाने की कोशिश करती हैं। आशा है आप इसे पढ़कर अपने विचार कमेंट करेंगे। धन्यवाद।

एक बार की बात है, एक पक्षी था। वह दो श्रेष्ठ पंख थे, आलीशान, रंगीन और बेहतरीन परों से सजे हुए। संक्षेप में, वह एक ऐसा जीव था जो आकाश में स्वतंत्र रूप से उड़ने के लिए बना था, जो भी उसे देखता प्रसन्नता से भर उठता।

एक दिन, एक औरत ने उस पक्षी को देखा और उससे प्यार हो गया। उसने उस पक्षी की उड़ान देखी, वह हैरान होकर उसकी उड़ान देखती, उसका दिल धड़क उठता, उसकी आँखें रोमांचित हो चमक उठतीं। उसने पक्षी को अपने साथ उड़ने का निमंत्रित दिया, और दोनों आकाश में दोषहीन अनुरूपता और पूरे सद्भाव के साथ उड़ने लगे। उसने उस पक्षी की प्रशंसा की, उसे सम्मानित किया और उत्सव मनाया।

लेकिन फिर उसने सोचा। वो शायद दूर-दूर के पहाड़ों की यात्रा करना चाहे! और वह डर गई, डर गई कि फिर किसी अन्य पक्षी के प्रति उसके मन में शायद ऐसी भावनाएँ न उभर सकें। और उसे ईर्ष्या होने लगी, पक्षी की उड़ान भरने की क्षमता से।

और उसे अकेलेपन का अहसास हो आया।

और उसने सोचा: ‘मैं एक जाल लगाऊँगी। अगली बार पक्षी आकर फँस जाएगा। और फिर कभी छोड़कर नहीं जाएगा।

‘पक्षी, को भी औरत से प्यार हो गया था। वह अगले दिन आया, जाल में फँसा और एक पिंजरे में डाल दिया गया।

वह हर रोज उस पक्षी को देखती। उसकी चाहत, उसके जुनून का कारण थी, और उसने उसे अपने मित्रों को दिखाया, जिन्होंने कहा, अब तो तुम्हारे पास वह सब कुछ है जो तुम चाहती थीं।’

फिर भी, एक अजीब तरह का परिवर्तन दिखाई देने लगा: अब जबकि पक्षी उसके पास था और अब उसे उसको लुभाने की आवश्यकता नहीं थी, औरत में भी अरूचि पैदा होने लगी। पक्षी, जो अब उड़ने से लाचार था और अपने जीवन के सच्चे अर्थ को व्यक्त नहीं कर सकता था, मुरझाने लगा, उसके पंखों की चमक धूमिल हो गई, वो कुरूप हो गया। और औरत ने अब उसकी ओर ध्यान देना बंद कर दिया, केवल उसे दाना देने और उसका पिंजरा साफ करने तक ही उसकी रूचि सीमित हो गई।


एक दिन, पक्षी मर गया। औरत को बहुत दुख हुआ और वो सारा दिन उसके बारे में सोचती रही। उसने पिंजरा याद नहीं रहा, वह तो केवल उन्हीं ख्यालों में खोई रही, जब उसने पक्षी पहली बार देखा था, बादलों के बीच संतुष्ट और उन्मुक्त उड़ान भरते हुए।

अगर उसने अपने भीतर अधिक गहराई से झाँका होता, तो उसे पता चल जाता कि पक्षी की जो बात उसे रोमांचित करती थी, वह थी उसकी स्वतंत्रता थी, लहराते हुए उसके पंखों की ऊर्जा, ना कि उसका भौतिक शरीर।

बिना पक्षी के, उसका जीवन भी अर्थहीन हो गया, और मृत्यु उसकी चौखट तक आ पहुँची।

‘तुम क्यों आयी हो?’ उसने मौत से पूछा।

‘ताकि तुम एक बार फिर उसके साथ आकाश में उड़ान भर सको,’ मृत्यु ने उत्तर दिया।
और मृत्यु ने उत्तर दिया, ‘यदि तुमने उसे आने-जाने से नहीं रोका होता, तो तुम उससे और अधिक प्रेम कर पाती, उसकी और अधिक सराहना कर पाती, अफसोस, उसे फिर से पाने के लिए अब तुम्हें मेरी आवश्यकता है। ‘

(पाओलो कोएल्हो के उपन्यास इलेवन मिनट्स(Eleven Minutes) से उद्धृत कहानी)

5 comments

  1. कहते है प्यार कुछ नहीं देखता इंसान को प्यार किसी से भी हो सकता है, चाहे वो कोई भी हो जैसे की आप ने इस स्टोरी मै बताया है एक पक्षी से भी प्यार हो सकता हैं,,,,,

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