‘शादी’- हिंदी हास्य-व्यंग्य कविता- PAMIT Hindi Poems

shayad koi vyakti shadi

जो नहीं थीं पहले कभी,
जिनका उदय नहीं हुआ था,
उन्हीं समस्याओं के हल ढूँढ़ने को,
शायद कोई व्यक्ति शादी किया करता है।

वह न खाये जो खाना चाहता है,
वहाँ न जाए जहाँ जाना चाहता है,
कुछ ऐसी ही सुविधाएँ जो पाना चाहता है,
उन्हीं सब के विशेष पैकेज हेतु,
शायद कोई व्यक्ति शादी किया करता है।

प्यार वाले दिनों वाला प्यार पाने के लिये,
रूठे को मनाने के लिये या रूठ जाने के लिये,
हँसती हुई दुनिया को और हँसाने के लिये,
शायद कोई व्यक्ति शादी किया करता है।

-PAMIT Hindi

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